गोयगोल – अज़रबैजान में नीली झीलों और हरे पहाड़ों की भूमि
स्थान
गोयगोल जिला अज़रबैजान के पश्चिमी भाग में, लेसर काकेशस (Lesser Caucasus) पहाड़ों की तलहटी में स्थित है।
बाकू से दूरी: यह बाकू से लगभग 360 किमी दूर है।
भूगोल: यह क्षेत्र मुख्य रूप से पहाड़ी और जंगलों से ढका हुआ है और यहाँ साल भर ठंडी और म ध्यम जलवायु रहती है।
इतिहास
गोयगोल जिले की स्थापना 1930 में हुई थी और ऐतिहासिक रूप से इसे 'खानलर' (Khanlar) के नाम से जाना जाता था।
जर्मन विरासत: 19वीं सदी में रूसी साम्राज्य द्वारा आमंत्रित जर्मन प्रवासियों द्वारा 'हेलेनेंडोर्फ' (अब गोयगोल शहर) की स्थापना की गई थी। इस कारण, गोयगोल को अज़रबैजान में जर्मन विरासत के केंद्र के रूप में व्यापक रूप से पहचाना जाता है।
प्रकृति
जिले का मुख्य प्राकृतिक खजाना 'गोयगोल झील' है, जो मुरोवदाग पर्वतमाला की तलहटी में 1,556 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
अन्य झीलें: गोयगोल के साथ-साथ, मारलगोल (Maralgol), लोविगोल (Lovigol) और ज़ालिगोल (Zaligol) जैसी अन्य सुंदर पहाड़ी झीलें इस क्षेत्र के परिदृश्य को और भी आकर्षक बनाती हैं।
गोयगोल नेशनल पार ्क: यहाँ समृद्ध वनस्पतियों और जीवों का संरक्षण किया जाता है, जिसमें हेज़लनट के पेड़, ओक, एल्म, पाइन और दुर्लभ पशु प्रजातियां शामिल हैं।
मुख्य आकर्षण
गोयगोल झील: अज़रबैजान की सबसे सुंदर और शुद्ध प्राकृतिक झीलों में से एक।
मारलगोल और लोविगोल झीलें: घ ने जंगलों से घिरे पहाड़ी रत्न।
हेलेनेंडोर्फ ऐतिहासिक क्वार्टर: यहाँ 19वीं सदी के जर्मन घर, एक लूथरन चर्च और पुराने वाइन सेलर (wine cellars) मौजूद हैं।
गोयगोल सिटी पार्क और जर्मन संस्कृति संग्रहालय: इस क्षेत्र के इतिहास और सामंजस्य को जानने के लिए आदर्श स्थान।
